# यहोशू अध्याय 3: यर्दन नदी का चमत्कार
## पवित्र यात्रा की तैयारी
सुबह के समय, जब सूर्य की पहली किरणें यरीहो के मैदानों पर पड़ रही थीं, यहोशू ने इस्राएल के सभी लोगों को एकत्र होने का आदेश दिया। वे सभी यर्दन नदी के किनारे शित्तीम से चलकर आए थे और अब उनके सामने वह शक्तिशाली नदी थी जो उन्हें परमेश्वर के वादा किए हुए देश में प्रवेश करने से रोक रही थी। यहोशू ने लोगों से कहा, *"तैयार हो जाओ, क्योंकि तीन दिनों के भीतर तुम यर्दन नदी को पार करोगे और उस देश में प्रवेश करोगे जो यहोवा तुम्हें देने वाला है।"*
लोगों के हृदय में उत्साह और भय दोनों थे। वे मिस्र की दासता से छूटकर चालीस वर्षों से जंगल में भटक रहे थे, और अब वे कनान देश के द्वार पर खड़े थे। परमेश्वर ने मूसा से वादा किया था कि वह उन्हें एक ऐसी भूमि देगा जहाँ दूध और मधु की धाराएँ बहती हैं। लेकिन यर्दन नदी उफान पर थी, उसका पानी बाढ़ के कारण किनारों से बाहर बह रहा था। इसे पार करना असंभव लग रहा था।
## परमेश्वर का आदेश
यहोशू ने लेवियों से कहा, *"परमेश्वर के विधान के सन्दूक को उठाओ और लोगों के आगे-आगे चलो।"* सन्दूक, जो परमेश्वर की उपस्थिति का प्रतीक था, इस्राएलियों के लिए मार्गदर्शक था। यहोशू ने लोगों को आज्ञा दी, *"जब तुम सन्दूक को देखो, तो उसके पीछे चलना, पर उससे कुछ दूर रहना, क्योंकि तुम्हें पता नहीं कि परमेश्वर किस मार्ग से तुम्हें ले जाएगा। आज तुम्हें यह जान लेना चाहिए कि तुम्हारे बीच जीवित परमेश्वर है!"*
लोगों ने सुना और आज्ञा मानी। वे जानते थे कि जिस परमेश्वर ने लाल सागर को चीरकर उनके पूर्वजों को पार कराया था, वही परमेश्वर आज भी उनके साथ था।
## चमत्कार का क्षण
जब लेवीय याजक सन्दूक को उठाकर यर्दन नदी के किनारे पहुँचे, तो यहोशू ने परमेश्वर से प्रार्थना की। उसी पल, जैसे ही याजकों के पैर नदी के पानी में पड़े, ऊपर की ओर से आने वाला पानी रुक गया! यह एक अद्भुत चमत्कार था। दूर आदाम नगर के पास पानी एक ढेर के समान खड़ा हो गया, और नीचे की ओर का पानी पूरी तरह सूख गया। याजक परमेश्वर के सन्दूक को लेकर नदी के बीचोबीच जाकर खड़े हो गए, और सारे इस्राएली सूखी भूमि पर चलकर नदी पार करने लगे।
लोगों के मन में विस्मय और आनन्द था। वे देख रहे थे कि परमेश्वर ने उनके लिए मार्ग बना दिया था, ठीक वैसे ही जैसे उसने मूसा के समय लाल सागर में किया था। बच्चे, बूढ़े, जवान—सभी सुरक्षित पार हो गए। जब अंतिम व्यक्ति ने नदी पार कर ली, तब यहोशू ने याजकों से कहा कि वे भी नदी से बाहर आ जाएँ। जैसे ही उनके पैर किनारे पर पड़े, यर्दन नदी का पानी फिर से बहने लगा, ठीक पहले की तरह।
## विश्वास की विजय
इस चमत्कार ने इस्राएलियों के विश्वास को और दृढ़ कर दिया। वे जान गए कि यहोवा सचमुच उनके साथ है और वह उन्हें कनान देश में विजय दिलाएगा। यहोशू ने बारह पत्थरों को नदी के बीच से निकालकर गिलगाल में स्थापित किया, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ इस चमत्कार को याद रखें और परमेश्वर की महानता को जानें।
इस प्रकार, परमेश्वर ने अपनी शक्ति प्रकट करके इस्राएल को दिखाया कि जो वचन उसने मूसा से दिया था, वह पूरा होगा। यर्दन नदी का चमत्कार न केवल एक नए युग का प्रारम्भ था, बल्कि इस्राएल के लिए परमेश्वर की निरंतर विश्वासयोग्यता का प्रमाण भी था।
टिप्पणियाँ
टिप्पणियाँ 0
चर्चा पढ़ें और अपनी आवाज़ जोड़ें।
केवल सदस्यों के लिए
चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें
हम टिप्पणियों को वास्तविक खातों से जोड़ते हैं ताकि चर्चा साफ और भरोसेमंद रहे।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें।