निनवे का पश्चाताप और दया
वह सुबह नीनवे में किसी और सुबह की तरह ही शुरू हुई। पूर्वी आकाश में सूरज की पहली किरणें विशाल...
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वह सुबह नीनवे में किसी और सुबह की तरह ही शुरू हुई। पूर्वी आकाश में सूरज की पहली किरणें विशाल...
तीस दिनों से अधिक समय बीत चुका था। दानिय्येल नदी के किनारे बैठा, उसकी आँखें पानी की धारा में...
यह बात है जब यहूदा के लोग बंधुआई में थे, और हम – मेरे जैसे कुछ लोग – बाबुल के शहरों में बिखरे...
वह नहर के किनारे बैठा था, और पानी में उतरती शाम का सूरज लहरों पर सोने की काई सा बिछा रहा था।...
यिर्मयाह को पता था कि आज का दिन कठिन होगा। सुबह की धूप यरूशलेम की पथरीली गलियों पर पड़ रही...
वह दिन ऐसा था जैसे आकाश ने सिसकियाँ भर रखी हों। हवा में धूल के बवंडर नहीं, एक स्थिर उदासी थी,...
यह वह समय था जब दुनिया अपनी धुरी से टूटती प्रतीत हो रही थी। मेरे कक्ष की छत पर लकड़ी का पंखा...
वह दिन ठीक वैसे ही शुरू हुआ जैसे उत्तर प्रदेश के उस छोटे से गाँव के अधिकतर दिन शुरू होते थे।...
एक समय की बात है, जब सृष्टि की सुबह थी और समय के पैमाने पर ओस की बूंदें टपक रही थीं। वह प्राचीन...
वह सुबह ठंडी थी। यरूशलेम की पहाड़ियों पर हवा में अभी भी रात की सिहरन लिपटी हुई थी। एलियाव की...
(एक दृष्टान्त) बरसात के बाद की साँझ थी। आकाश में बादलों के फाहे अभी तक छितरे हुए थे, और हवा में...
वह दिन ऐसा था जैसे पहाड़ों ने आकाश को निगल लिया हो। घने, स्लेटी बादलों ने सूरज की सांस रोक दी...
वह रात ऐसी थी मानो अँधेरे ने सब कुछ निगल लिया हो। हेमंत की हवा में सन्नाटा बोल रहा था, और मैं...
हवा अब भी गर्म और भारी थी, पर उस तूफ़ान की चीख-पुक कुछ कम हो आई थी। अय्यूब अपने टाट पर बैठा, उसकी...
जेरुशलम की दोपहरी धूल भरी और सूनी थी। एज्रा, शास्त्रियों का शास्त्री, अपने कमरे की खिड़की...
शुरुआत उस समय की है जब यहूदा के राजा अबीजा ने शासन संभाला। वह रहबोआम का पुत्र और सुलैमान का...
गिलबोआ के उन निर्जन पहाड़ों पर सांझ की हवा ने एक अजीब सी सनसनी फैला रखी थी। ऐसा लग रहा था...
यह वह समय था जब यहोराम इस्राएल के राजगद्दी पर बैठा। वह अहाब का पुत्र था, किंतु उसने बाल की...