दुष्ट का क्षणभंगुर आनंद
उस कस्बे में धूल ही धूल थी। रास्तों पर उड़ती हुई मिट्टी, दूर तक फैले सूखे आकाश के नीचे, ऐसा...
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उस कस्बे में धूल ही धूल थी। रास्तों पर उड़ती हुई मिट्टी, दूर तक फैले सूखे आकाश के नीचे, ऐसा...
यरूशलेम की सुबह ठंडी और सूनी थी। हवा में अभी भी रात की नमी थी, और उजड़े हुए मकानों के खंडहरों...
यह उस समय की बात है जब दाऊद बूढ़ा हो चला था। वर्षों के युद्धों और भाग-दौड़ के बाद अब एक विचित्र...
यरूशलेम के राजमहल में सुबह की ठंडी हवा खिड़की से अंदर आ रही थी। उज्जिय्याह, जिसे आजकल लोग...
यह वह समय था जब सुलैमान का राज्य दाऊद के दिनों की उस अशांति से बहुत दूर, एक गहरी शांति में...
शाऊल ने अपने तम्बू के खम्भे से सहारा लेकर अपना भारी शरीर उठाया। गिलबोा की पहाड़ियों पर...
वह साल था जब हमारी याददाश्तें अब भी धुँधली नहीं हुई थीं। हवा में जैतून के पेड़ों की सुगंध थी,...
यहोशू बूढ़ा हो चला था। उम्र के उस पड़ाव पर जहाँ शरीर में वह पहले वाली ताकत नहीं रहती, जहाँ...
वह सुबह ऐसी थी जैसे परमेश्वर ने आकाश को सफेद मलमल से पोंछ दिया हो। पहाड़ियों पर जैतून के...
वर्षों से एलियाब ने अपनी छाया से ही बात की थी। उसकी त्वचा पर उभरे那些 सफेद धब्बे अब उसकी पहचान...
गाँव की सुबह धीरे-धीरे खुल रही थी। पूर्व दिशा में आकाश में हल्की लालिमा फैलने लगी थी, और ओस...
कारागार की उस कोठरी में हवा तक जम गई लगती थी। नमी थी, जिसमें सड़न और मिट्टी की गंध रच-बस गई थी।...
पानी की आवाज़ अब वह भयावह गर्जना नहीं थी जो कभी आकाश और धरती के बीच गूंजती थी। अब बस एक स्थिर,...
वह सिय्योन की पहाड़ी पर खड़ा था, और हवा में एक अजीब सी गूंज थी, जैसे कोई दूर का सागर गरज रहा...
(यह कहानी प्रथम शताब्दी के मकिदुनिया के नगर थिस्सलुनीके की पृष्ठभूमि में रची गई है, और...
वह दिन कोरिंथ की गलियों में भीगी हुई धूप की तरह था, ऐसा लग रहा था मानो आसमान ने किसी बड़े दुःख...
वह कमरा शाम की लंबी छायाओं में डूबा हुआ था। एक पुरानी मेज़ पर बिखरे हीरे, पांडुलिपियों के...
दोपहर की झुलसाती धूप यरूशलेम की पथरीली गलियों को तपा रही थी। शहर अभी भी त्योहार की थकान और...