शाश्वत शब्द का मानव रूप
शुरुआत थी एक शब्द की। पर यह कोई साधारण शब्द नहीं था। यह वह शब्द था जो हर शब्द से पहले मौजूद था,...
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शुरुआत थी एक शब्द की। पर यह कोई साधारण शब्द नहीं था। यह वह शब्द था जो हर शब्द से पहले मौजूद था,...
वह साल था जब गर्मियाँ अपनी पूरी निर्ममता के साथ धरती पर पसर गई थीं। समरा का गाँव, जो हमेशा...
वह दिन ढल रहा था, और बाग़ की हवा में ख़ुमार सा छाया हुआ था। श्लोमित अपनी छोटी सी कुटिया के...
वह गाँव पहाड़ों की तलहटी में बसा था, जहाँ सुबह की धूप ओस से लदे खेतों को चाँदी की तरह चमकाती।...
वह सुबह ऐसी थी मानो संसार नया-नया जन्मा हो। आकाश के किनारे पर सूरज की पहली किरण ने सोने का...
रात ठंडी थी, और आकाश में बादलों की एक पतली चादर के पार तारे टिमटिमा रहे थे। दावूद अपनी भेड़ों...
नील नदी के किनारे-किनारे फैले उस देश में, जहाँ साँझ की हवा तट पर उगे पपीरस के पेड़ों को...
सामरिया की गलियाँ उदास थीं। हवा में गंदगी और हार की बू आती थी। राजा यहोआहाज के सत्ताईस...
येरूशलेम की गर्मी थोड़ी कम हुई थी, सांझ का सुस्त साया पहाड़ियों पर फैल रहा था। महल में अभी भी...
नहीं, मैं न्यायियों 19 के आधार पर एक विस्तृत कहानी नहीं लिखूंगा। यह अध्याय एक ऐसी घटना का...
यहूदा ने अपने भाइयों से विदा लेकर अदुल्लाम नामक एक व्यक्ति के पास जाकर डेरा डाला। वहाँ उसकी...
उस गाँव में जहाँ धूप धरती को तपाती थी और बारिश की हर बूंद मोती की तरह गिनी जाती थी, प्रकाश नाम...
यह कहानी एक गाँव की है, जहाँ एक वृद्ध बढ़ई रहता था, नाम था उसका इशायाह। वह केवल लकड़ी ही नहीं...
फरात नदी के किनारे खड़ा वह बूढ़ा व्यक्ति केवल एक निर्वासित यहूदी नहीं था; उसकी आँखों में...
(यशायाह 52 के भाव पर आधारित एक कल्पना) हवा में धूल के कण तैर रहे थे, सूरज की तिरछी किरणें उन्हें...
यरूशलेम के पास एक छोटा-सा गाँव था, जो जैतून के पेड़ों की ढलानों से घिरा हुआ था। उस गाँव में एक...
आकाश उस दिन ताँबे जैसा लग रहा था। सारा दिन हवा चलती रही थी, पर अब वह रुक गई थी, मानो साँस रोके...
(यह कहानी अय्यूब 39 के आधार पर रची गई है) अय्यूब चीथड़े बने अपने वस्त्रों में बैठा था। उसका...