आमोस 4 पुराना नियम

आमोस का संदेश: परमेश्वर का न्याय और पश्चाताप की चेतावनी

एक बार, इस्राएल के पहाड़ियों और घाटियों में, एक नबी का जन्म हुआ, जिसका नाम आमोस था। वह एक...

आमोस 4 - आमोस का संदेश: परमेश्वर का न्याय और पश्चाताप की चेतावनी

एक बार, इस्राएल के पहाड़ियों और घाटियों में, एक नबी का जन्म हुआ, जिसका नाम आमोस था। वह एक साधारण चरवाहा था, जो तेकोआ के पास रहता था। परमेश्वर ने उसे चुना और उसके मुख से अपने वचन सुनाने के लिए भेजा। आमोस ने इस्राएल के लोगों को चेतावनी दी, क्योंकि वे परमेश्वर की आज्ञाओं को भूल चुके थे और अन्याय और अधर्म में डूबे हुए थे।

आमोस ने इस्राएल के लोगों से कहा, "हे बाशान की गायों, तुम जो समरिया के पहाड़ों पर रहती हो, तुम धनवानों का शोषण करती हो, गरीबों को दबाती हो, और अपने पतियों से कहती हो, 'हमें पीने के लिए दो, हमें मदिरा चाहिए।' परन्तु परमेश्वर ने तुम्हारे पापों को देख लिया है। वह तुम्हारे विरुद्ध खड़ा है।"

आमोस ने उन्हें याद दिलाया कि परमेश्वर ने उन्हें बार-बार चेतावनी दी थी, परन्तु उन्होंने उसकी बात नहीं मानी। उसने कहा, "मैंने तुम्हें भूखा रखा, परन्तु तुम मेरी ओर नहीं लौटे। मैंने तुम्हारी फसलों को नष्ट कर दिया, परन्तु तुमने मेरी आज्ञा नहीं मानी। मैंने तुम्हारे ऊपर वर्षा रोक दी, परन्तु तुमने मुझे नहीं पुकारा। मैंने तुम्हारे बागों और दाख की बारियों को सुखा दिया, परन्तु तुमने मेरी ओर ध्यान नहीं दिया।"

आमोस ने उन्हें बताया कि परमेश्वर ने उन्हें विपत्तियों से चेतावनी दी थी। उसने कहा, "मैंने तुम्हारे ऊपर टिड्डियों को भेजा, जिन्होंने तुम्हारी फसलों को खा लिया। मैंने तुम्हारे बीच महामारी भेजी, जिससे तुम्हारे युवा मर गए। मैंने तुम्हारे शहरों को आग से जला दिया, परन्तु तुम मेरी ओर नहीं लौटे। मैंने तुम्हें सदोम और अमोरा की तरह उलट दिया, परन्तु तुमने मेरी आवाज नहीं सुनी।"

आमोस ने उन्हें चेतावनी दी कि परमेश्वर का क्रोध उन पर आने वाला है। उसने कहा, "हे इस्राएल, तैयार हो जाओ! क्योंकि परमेश्वर तुम्हारे विरुद्ध खड़ा है। वह तुम्हें दण्ड देगा, क्योंकि तुमने उसकी आज्ञाओं को तोड़ा है। तुमने अन्याय किया है, गरीबों का शोषण किया है, और मूर्तियों की पूजा की है। परमेश्वर तुम्हारे पापों को क्षमा नहीं करेगा, जब तक कि तुम पश्चाताप नहीं करते।"

आमोस ने उन्हें बताया कि परमेश्वर न्यायी है और वह अन्याय को सहन नहीं करेगा। उसने कहा, "परमेश्वर ने तुम्हें चेतावनी दी है, परन्तु तुमने उसकी बात नहीं मानी। अब तुम्हें उसके न्याय का सामना करना पड़ेगा। तुम्हारे शहर उजड़ जाएंगे, तुम्हारे मंदिर नष्ट हो जाएंगे, और तुम्हारे लोग बंधुआई में जाएंगे। परमेश्वर का क्रोध तुम पर आने वाला है, और तुम उससे बच नहीं सकते।"

आमोस की बातें सुनकर इस्राएल के लोग डर गए, परन्तु उन्होंने उसकी बात नहीं मानी। वे अपने पापों से नहीं लौटे और परमेश्वर के न्याय से बच नहीं पाए। आमोस ने उन्हें चेतावनी दी कि परमेश्वर का दण्ड निश्चित है, और वह उन्हें उनके पापों के लिए दण्ड देगा।

इस प्रकार, आमोस ने इस्राएल के लोगों को परमेश्वर का संदेश सुनाया, और उन्हें चेतावनी दी कि वे अपने पापों से लौट आएं, नहीं तो परमेश्वर का क्रोध उन पर आएगा। परन्तु इस्राएल के लोगों ने उसकी बात नहीं मानी, और परमेश्वर का न्याय उन पर आ गया।

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