**ओबद्याह की भविष्यवाणी: एदोम का न्याय**
एक समय की बात है, जब परमेश्वर ने ओबद्याह नामक एक भविष्यवक्ता को एदोम के विरुद्ध एक गंभीर संदेश दिया। एदोम, जो कि याकूब के भाई एसाव के वंशज थे, ने सदियों से इस्राएल के साथ विश्वासघात किया था। परमेश्वर ने ओबद्याह के माध्यम से एदोम के अहंकार, हिंसा और अंततः उनके पतन की भविष्यवाणी की।
### **एदोम का अहंकार**
एदोम के लोग पहाड़ों की गुफाओं में रहते थे, जहाँ से वे स्वयं को अजेय समझते थे। उनके दुर्गम किले और ऊँचे पर्वतों ने उन्हें यह भ्रम दिया कि कोई भी उन्हें पराजित नहीं कर सकता। वे अपनी बुद्धि और सामरिक शक्ति पर घमंड करते थे। परन्तु परमेश्वर ने ओबद्याह के द्वारा कहा,
*"यदि तू ऊँचे पर चील के समान बैठा है, और यदि तू तारों के बीच में अपना घोंसला बनाए हुए है, तौभी मैं तुझे वहाँ से गिरा दूँगा!"* (ओबद्याह 1:4)
परमेश्वर ने उनके घमंड को नष्ट करने की घोषणा की। वे सोचते थे कि उनका कोई शत्रु नहीं है, परन्तु परमेश्वर स्वयं उनके विरुद्ध खड़ा हो गया था।
### **एदोम का विश्वासघात**
जब यहूदा पर संकट आया और बेबीलोन के लोगों ने यरूशलेम को घेर लिया, तब एदोम ने इस्राएल के साथ विश्वासघात किया। वे यहूदा के शत्रुओं के साथ मिल गए और भागने वाले इस्राएलियों को पकड़कर उनके शत्रुओं के हवाले कर दिया। उन्होंने न केवल यहूदा की विपत्ति में उसका साथ छोड़ा, बल्कि उसकी दुर्दशा का लाभ उठाकर उसे लूटा भी।
परमेश्वर ने ओबद्याह के द्वारा कहा,
*"तू ने अपने भाई याकूब के दिन में, उसके संकट के समय, उस पर द्रोह किया।... तू ने उनके भागने वालों को रोका, और उनके शेष बचे लोगों को शत्रु के हाथ में पकड़वा दिया।"* (ओबद्याह 1:10,14)
परमेश्वर ने एदोम के इस कृत्य को घोर पाप ठहराया। उन्होंने न केवल अपने भाई के प्रति प्रेम नहीं दिखाया, बल्कि उनकी पीड़ा में और अधिक कष्ट जोड़ दिया।
### **एदोम का न्याय**
परमेश्वर ने एदोम के लोगों को दण्ड देने का निर्णय किया। जिस प्रकार उन्होंने दूसरों के साथ किया था, वैसा ही उनके साथ होगा। ओबद्याह ने भविष्यवाणी की कि एदोम पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। उनके बुद्धिमान लोग मारे जाएँगे, उनके धन को लूट लिया जाएगा, और उनकी भूमि पर दूसरे राष्ट्र अधिकार कर लेंगे।
*"जैसा तू ने किया है, वैसा ही तेरे साथ किया जाएगा। तेरा किया हुआ तेरे ही सिर पर पड़ेगा।"* (ओबद्याह 1:15)
परमेश्वर ने यह भी घोषणा की कि एक दिन इस्राएल फिर से उठेगा और परमेश्वर का राज्य स्थापित होगा। एदोम का अंत निश्चित था, परन्तु सिय्योन में छुटकारा और पवित्रता होगी।
### **परमेश्वर की न्यायपूर्ण सत्ता**
ओबद्याह की यह भविष्यवाणी हमें सिखाती है कि परमेश्वर न्यायी है। वह अहंकार और दुष्टता को सहन नहीं करता। एदोम ने अपने भाई के प्रति प्रेम नहीं दिखाया, और इसलिए उन्हें दण्ड मिला। परन्तु परमेश्वर अपने लोगों को कभी नहीं छोड़ता। जो लोग उस पर भरोसा रखते हैं, वह उन्हें अंत में महिमा में स्थापित करेगा।
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अहंकार से बचना चाहिए और दूसरों के प्रति दया और न्याय का व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर सब कुछ देखता है और एक दिन हर कार्य का न्याय करेगा।
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