Bible Story

दाऊद का विजयगीत: प्रभु की महिमा और कृपा

**2 शमूएल 22: दाऊद की विजयगीत** उस दिन जब प्रभु ने दाऊद को उसके सभी शत्रुओं और शाऊल के हाथ से...

पवित्र बाइबल
**2 शमूएल 22: दाऊद की विजयगीत** उस दिन जब प्रभु ने दाऊद को उसके सभी शत्रुओं और शाऊल के हाथ से छुड़ाया, तो दाऊद ने प्रभु के नाम से यह गीत गाया। उसका हृदय आनंद और कृतज्ञता से भर उठा, क्योंकि परमेश्वर ने उस पर अपनी असीम कृपा दिखाई थी। दाऊद ने कहा: **"हे प्रभु, तू मेरी चट्टान है, मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला! मेरा परमेश्वर, मेरी शरणस्थली, जिस पर मैं भरोसा रखता हूँ। मेरी ढाल और मेरे उद्धार का सींग, मेरी शरण और मेरा उद्धारकर्ता! तू हिंसा से मुझे बचाता है।"** उसने अपने मन में उन दिनों को याद किया जब वह संकटों से घिरा हुआ था। शाऊल उसका पीछा कर रहा था, और उसके शत्रु उसे मार डालना चाहते थे। मृत्यु के बंधनों ने उसे घेर लिया था, और विनाश की बाढ़ उसे डरा रही थी। परन्तु उसने प्रभु को पुकारा, और उसकी वाणी उसके मन्दिर में पहुँची। उसकी चीख उसके कानों तक पहुँची, और पृथ्वी काँप उठी! **"तब पृथ्वी हिलने और डगमगाने लगी, आकाश के आधार थरथरा उठे, क्योंकि परमेश्वर क्रोधित हो उठा था। उसके नथनों से धुआँ उठा, और उसके मुख से भक्षक अग्नि निकली, जिसने उसके चारों ओर कोयले जला दिए।"** प्रभु ने आकाश को झुकाया और नीचे उतर आया। उसके चरणों के नीचे घने बादल थे। वह करूबों पर सवार होकर आया, और हवा के पंखों पर उड़ता हुआ प्रकट हुआ। उसने अंधकार को अपना ओट बनाया, घने बादलों को अपना तम्बू। उसकी ज्योति से अँधेरा छंट गया, और बिजली चमक उठी! **"तब प्रभु ने गर्जन करते हुए आकाश से बोला, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई। उसने बाण छोड़े और शत्रुओं को तितर-बितर कर दिया, बिजली चमकाई और उन्हें भगा दिया।"** दाऊद ने देखा कि कैसे प्रभु ने उसके लिए लड़ाई लड़ी। समुद्र की गहराइयाँ प्रकट हो गईं, और पृथ्वी की नींव खुल गई, जब प्रभु ने उसे डाँटा। उसने ऊपर से हाथ बढ़ाया और दाऊद को पकड़ लिया। उसने गहरे जल से उसे बाहर निकाला। **"उसने मुझे मेरे बलवन्त शत्रु से छुड़ाया, मेरे बैरियों से, क्योंकि वे मुझसे अधिक सामर्थी थे। वे मेरे संकट के दिन मुझ पर टूट पड़े, परन्तु प्रभु मेरा सहारा बना।"** प्रभु ने दाऊद को विशाल स्थान में पहुँचाया। उसने उसे छुड़ाया, क्योंकि वह उससे प्रसन्न था। दाऊद ने धर्म के मार्ग पर चलकर प्रभु की आज्ञाओं का पालन किया था। उसने अपने परमेश्वर से विमुख होकर अधर्म नहीं किया था। **"क्योंकि प्रभु मेरे मार्ग को जानता है, मेरी परीक्षा लेकर वह मुझे शुद्ध सोने के समान पाएगा। मैं उसकी आज्ञाओं पर चला, और उसके नियमों से दूर नहीं हटा।"** इसलिए, प्रभु ने उसके अनुसार उसके धर्म का प्रतिफल दिया। क्योंकि दाऊद ने प्रभु की दृष्टि में जो कुछ किया, वह सही था। वह दयालु है उन पर जो दयालु हैं, शुद्ध है उन पर जो शुद्ध हैं। परन्तु टेढ़े लोगों के साथ वह चालाकी से पेश आता है। **"तू दीनों को बचाता है, और अभिमानियों को नीचा दिखाता है। हे प्रभु, तू मेरा दीपक है, तू ही मेरे अंधकार को उजियाला बनाता है।"** दाऊद ने प्रभु की स्तुति की, क्योंकि उसके बल से वह शत्रुओं पर दौड़ सकता था और दीवार फाँद सकता था। परमेश्वर का मार्ग सिद्ध है, उसके वचन शुद्ध हैं। वह उन सभों का ढाल है, जो उसकी शरण लेते हैं। **"क्योंकि परमेश्वर के सिवा और कौन है? हमारे परमेश्वर के सिवा और कौन चट्टान है? वही मेरी शक्ति है, वही मेरा सुरक्षित स्थान।"** इस प्रकार, दाऊद ने अपने जीवन भर प्रभु की महिमा गाई। उसने जान लिया कि उसका उद्धारकर्ता केवल यहोवा ही है, और उसके द्वारा ही वह महान विजयी हुआ। **"इसलिए हे जातियों, मैं तुम्हारी स्तुति करूँगा! तेरे नाम का भजन गाऊँगा! तू अपने राजा को बड़ी विजय देता है, और अपने अभिषिक्त, दाऊद और उसके वंश पर, सदैव करुणा दिखाता है।"** और इस प्रकार, दाऊद का यह गीत इतिहास में अंकित हो गया, जो हर पीढ़ी को यह स्मरण दिलाता है कि प्रभु ही सच्चा छुड़ानेवाला है।