**थिस्सलुनीकियों 2:1-12 पर आधारित बाइबल कथा**
**अंत के दिनों की चेतावनी**
थिस्सलुनीके की युवा कलीसिया में एक गहरी चिंता फैल गई थी। कुछ लोगों ने यह दावा करना शुरू कर दिया था कि प्रभु यीशु मसीह का दिन आ चुका है और वह पहले ही लौट आए हैं। यह खबर सुनकर विश्वासी भ्रमित और डरे हुए थे। उन्हें लग रहा था कि क्या वह दिन जिसकी उन्होंने इतनी उम्मीद से प्रतीक्षा की थी, बिना किसी चेतावनी के आ गया है? क्या वे छूट गए हैं?
इस अफरातफरी के बीच, प्रेरित पौलुस ने उन्हें एक और पत्र लिखा। उसने अपने साथी सिलवानुस और तीमुथियुस के साथ मिलकर उन्हें सचेत किया: **"हे भाइयों, हम प्रभु यीशु मसीह के आगमन और हमारे उसके पास इकट्ठे होने के विषय में तुमसे विनती करते हैं कि तुम इस बात से तुरंत विचलित न हो जाओ, न ही किसी आत्मा, वचन या पत्र के द्वारा यह समझो कि प्रभु का दिन आ गया है।"**
पौलुस ने समझाया कि मसीह के आने से पहले एक भयानक विद्रोह होगा। वह **"अधर्म का रहस्य"** पहले से ही कार्य कर रहा है, परन्तु एक समय आएगा जब **"अधर्म का व्यक्ति"** प्रकट होगा। यह व्यक्ति शैतान की सामर्थ्य से आएगा और झूठे चमत्कार, अद्भुत कार्य और हर प्रकार की धोखेबाज़ी से लोगों को बहकाएगा। वह स्वयं को परमेश्वर के समान ऊँचा करके बैठेगा और मन्दिर में बैठकर अपने आपको परमेश्वर बताएगा।
पौलुस ने थिस्सलुनीकियों को याद दिलाया कि जब वह उनके साथ था, तो उसने यह सब पहले ही बता दिया था। **"क्या तुम्हें याद नहीं कि मैं तुमसे ये बातें कहता था?"** अभी वह व्यक्ति प्रकट नहीं हुआ है, क्योंकि एक रोकनेवाला है जो उसे प्रकट होने से रोक रहा है। जब तक वह रोक हट नहीं जाती, तब तक अधर्मी प्रकट नहीं होगा।
परन्तु उसका समय निश्चित है। जब रोक हट जाएगी, तब वह अधर्मी प्रगट होगा, और प्रभु यीशु उसे अपने मुंह की श्वास से मार डालेंगे और अपने आगमन की महिमा से उसका अन्त कर देंगे।
फिर पौलुस ने एक गंभीर चेतावनी दी: **"उस अधर्मी का आगमन शैतान की सामर्थ्य से होगा, और हर प्रकार के झूठे चमत्कार, चिन्ह और अद्भुत कार्यों के साथ होगा। और हर प्रकार की अधर्मी धोखेबाज़ी में फंसनेवालों पर वह काम करेगा, क्योंकि उन्होंने सत्य का प्रेम ग्रहण नहीं किया जिससे कि उनका उद्धार होता।"**
परमेश्वर उन्हें एक भ्रांतिकारी शक्ति भेजेगा, ताकि वे झूठ पर विश्वास करें और सब दंड भोगें जो सत्य पर विश्वास न करने के कारण उन पर आएगा।
**कहानी का सार:**
थिस्सलुनीकियों को डराने वाली झूठी शिक्षाओं के बीच, पौलुस ने उन्हें सचेत किया कि मसीह के आने से पहले अधर्म का उदय होगा। परन्तु विश्वासियों को भयभीत नहीं होना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर का न्याय अंत में विजयी होगा। सच्चे विश्वासियों को सत्य से चिपके रहना चाहिए और झूठे शिक्षकों से सावधान रहना चाहिए।
**"इसलिए, हे भाइयों, दृढ़ बने रहो और उन परम्पराओं को थामे रहो जिन्हें तुम हमसे सिखाए गए हो, चाहे वचन के द्वारा हो या हमारे पत्र के द्वारा।"** (2 थिस्सलुनीकियों 2:15)
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